Thursday, February 17, 2011

"नही" से बाहर



जो चीज़ जीवन के सारे "नहीं" से बाहर चली जाती है उसका रास्ता क्या है?

लख्मी

4 comments:

Tamil Home Recipes said...

Great post.

शिवकुमार ( शिवा) said...

सुंदर लेख ..
कभी समय मिले तोhttp://shiva12877.blogspot.com ब्लॉग पर भी अपने एक नज़र डालें . धन्यवाद .

विवेक Call me Vish !! said...

sundar abhwayakti...


Jai Ho Mangalmay ho

lakhmi said...

बहुत शुक्रिया आप सभी का। ये संवाद का सिलसिला जारी रहेगा। हम जरूर पढ़ेगे और एक बातचीत का माहौल बनाने की कोशिश करेगें।

लख्मी