Friday, June 26, 2009

विकल्प ही विकल्प..




विकल्पों की कमी नहीं पर आज के नौज़वान किसी और ही संकृति की ओर आर्कषित हो रहे हैं 2050 तक भारत और अमेरीका में कोई अन्तर नहीं होगा। न रोजी रोज़गार का न फैशन, शिक्षा का सब एक हो जायेगा पर दुख इस बात का है की अगर कुछ नया होगा तो हजारों साल पुरानी सभ्यता लुप्त हो जायेगी। उसका गुन-गान गाने वाला इंसान नहीं बचेगा। मशीनरी राज होगा हर जज़्बात, हर बात, हर भावना, हर अंग से पर्दाफाश होगा।

राकेश

1 comment:

ishaan said...
This comment has been removed by the author.